सर्जरी के बाद जल्दी रिकवरी Quick recovery after surgery

सर्जरी के बाद जल्दी रिकवरी कैसे हो:8 कारणों से हीलिंग में लगता वक्त, सर्जन ने बताया रिकवरी के लिए करें ये 7 काम                                                                  

एक्टर सैफ अली खान पर चाकू से हमला हुआ था। उन्हें गले, पीठ, हाथ और सिर पर 6 जगह चाकू लगा था। चाकू का एक टुकड़ा उनकी रीढ़ की हड्डी में फंस गया था। उनकी सर्जरी की गई। 5 दिन बाद वीडियो आया कि वह आराम से चलते हुए अपने घर जा रहे हैं। इस पर महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने सवाल उठाया कि 6 घावों की सर्जरी के बाद इतनी जल्दी रिकवरी कैसे हो सकती है। शक है कि सैफ पर हमला हुआ भी था या नहीं। हालांकि, सैफ अली खान के डॉक्टर कह रहे हैं कि यह तेज रिकवरी से संभव हुआ है।

पूरी दुनिया में हर साल लगभग 31 करोड़ मेजर सर्जरी होती हैं। मेजर सर्जरी का मतलब, इसमें बड़ा कट लगाया जाता है। सर्जरी मुश्किल होती है और इसमें ज्यादा वक्त भी लगता है। भारत में हर साल 3 करोड़ मेजर सर्जरी होती हैं। यह तो सिर्फ मेजर सर्जरी का डेटा है। देश में हर साल कई करोड़ लोगों की माइनर सर्जरी भी हो रही है।

भारत में हर साल 5-6 लाख लोगों का गॉलब्लैडर सर्जरी करके हटाया जाता है। हर साल 10 लाख से ज्यादा किडनी स्टोन रिमूवल सर्जरी होती हैं। इसका मतलब है कि देश में सर्जरी करवाने वाले लोगों की बड़ी संख्या है।

इसकी रिकवरी में कुछ दिन से लेकर कई महीने का समय लग सकता है। सवाल ये है कि सैफ अली खान की तरह तेज रिकवरी के लिए क्या करना चाहिए।

इसलिए आज ‘सेहतनामा’ में जानेंगे कि सर्जरी के बाद जल्दी रिकवरी कैसे होती है। साथ ही जानेंगे कि-

  • किन गलतियों से रिकवरी में ज्यादा समय लग सकता है?
  • तेज रिकवरी के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं?

सर्जरी के बाद कैसे हो तेज रिकवरी

मेजर सर्जरी में रिकवरी के लिए आमतौर पर कम-से-कम 1 हफ्ते का समय लगता है। सैफ अली खान के 6 घाव के लिए 2 मेजर सर्जरी हुईं। इसके बाद भी वह मात्र 5 दिन बाद आराम से चलकर घर जाते दिखे।

सैफ अली खान की फिटनेस बहुत अच्छी है। इसके अलावा उन्होंने सर्जरी के बाद जरूरी डाइट और दवाओं का ख्याल रखा है। इसलिए वह इतनी जल्दी रिकवर हो गए हैं। सर्जरी के बाद रिकवरी टाइम इस पर निर्भर है की व्यक्ति की उम्र कितनी है और फिटनेस कैसी है। इसमें खानपान और इम्यूनिटी का रोल भी अहम है। कोई लाइफस्टाइल डिजीज नहीं है और नशामुक्त हैं तो रिकवरी तेज होगी। 

तेज रिकवरी के लिए जरूरी है ज्यादा आराम

जब हम नींद में होते हैं, तब हमारा शरीर रिकवरी मोड में होता है। नींद में शरीर अपनी खामियों की लिस्ट बनाता है और उनकी मरम्मत करता है। इस दौरान शरीर सभी बिगड़ी हुई चीजों को व्यवस्थित करता है।

इसे ऐसे समझिए कि जब एथलीट मैदान में होते हैं तो उनकी मसल्स खिंचती हैं, क्रैंप्स आते हैं, कट लग जाते हैं। इन सबकी रिकवरी के लिए उन्हें दवाओं के साथ ज्यादा-से-ज्यादा आराम दिया जाता है। इसी तरह सर्जरी की तेज रिकवरी के लिए जरूरी दवाओं के साथ रोज 8-9 घंटे की नींद जरूर लें।

सर्जरी के बाद तेज रिकवरी के लिए जरूरी टिप्स  डॉक्टर के बताए सभी इंस्ट्रक्शन फॉलो करें। डॉक्टर से पूछकर डाइट प्लान बनाएं  डॉक्टर से परहेज पूछें और नियम से फॉलो करें  सर्जरी के बाद फ़ॉलोअप अपॉइंटमेंट लें  अगर कोई समस्या हो रही है तो इग्नोर ना करें  डॉक्टर के कहे अनुसार बॉडी मूव करते रहें   अगर सिगरेट, शराब पीते हैं तो इस दौरान अवॉइड करें 

ये चीजें खाने से जल्दी होती रिकवरी

सर्जरी के बाद घाव भरने और संक्रमण से बचाने के लिए एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं। इससे लिवर कमजोर हो सकता है। इसलिए इस दौरान भोजन में आसानी से पचने वाली चीजें जैसे- हरे पत्ते वाली सब्जियां और फल शामिल करें। इनमें जरूरी एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जिससे इंफ्लेमेशन कम होता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

भोजन में हेल्दी फैट और प्रोटीन भी बहुत जरूरी है। इनसे नए टिश्यूज और मसल्स तेजी से बनेंगे, जिससे घाव जल्दी भरेंगे। इसलिए खाने में क्या शामिल करना है हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, सरसों फल: अंगूर, अनार, जामुन, अनानास सब्जियां: गाजर, ब्रोकली, गोभी, शकरकंद प्रोटीन: मीट, अंडा, टोफू, पनीर नट्स और सीड्स: बादाम, अखरोट, काजू, फ्लेक्स सीड्स प्रोबायोटिक्स: दही, योगर्ट, छाँछ, सिरका 

किन कारणों से सर्जरी की रिकवरी धीमी हो सकती है?

अगर सर्जरी के बाद डॉक्टर के सभी इंस्ट्रक्शन फॉलो नहीं कर रहे हैं तो रिकवरी में जरूरत से ज्यादा समय लग सकता है। रिकवरी के लिए लोगों से शुरुआत में ज्यादा-से-ज्यादा आराम करने के लिए कहा जाता है।

हालांकि, इसके बाद उन्हें धीरे-धीरे बॉडी मूव करने और फिजिकल एक्टिविटीज करने के लिए भी कहा जाता है। ज्यादातर लोग आराम के साथ इतने कंफर्ट मोड में चले जाते हैं कि वे फिजिकल एक्टिविटी से बचने लगते हैं। इसलिए उनकी रिकवरी देर से होती है। इसके अलावा किन कारणों से रिकवरी में देर हो सकती है, बहुत जल्दी ज्यादा एक्टिव हो जाने से ज्यादा समय बैड रेस्ट पर रहने से समय पर दवाएं नहीं लेने से पर्याप्त और बैलेंस्ड डाइट न लेने से बॉडी को रिकवरी का पर्याप्त टाइम न देने से सर्जरी के बाद शुगर ज्यादा खाने से स्मोकिंग की आदत ना छोड़ पाने से ब्रीदिंग एक्सरसाइज न करने से 

सर्जरी के बाद रिकवरी से जुड़े कॉमन सवाल और जवाब

सर्जरी के बाद टांकों यानी स्टिचेज की देखभाल कैसे करें? सर्जरी के बाद टांकों की देखभाल जरूरी है, इसमें लापरवाही से इन्फेक्शन हो सकता है और सड़न पैदा हो सकती है। इसलिए ये बातें ध्यान रखें-

  • हाथ धोकर ही टांकों को छुएं।
  • डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके से पट्टी बदलें।
  • खुजली होने पर टांकों को खरोंचें नहीं।
  • स्टिचेज पर पानी पड़ने से।
  • लालिमा, सूजन, दर्द या पस दिखने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

सर्जरी के बाद कब नहाना चाहिए? आमतौर पर सर्जरी के 48 घंटे बाद नहाने की इजाजत दी जाती है। हालांकि, पट्टी या टांके लगे हुए हैं तो डॉक्टर के बताए अनुसार सावधानी जरूर बरतें। अगर डॉक्टर ने सिर्फ गर्म पानी और कपड़े से बदन पोंछने को कहा है तो नहाने के लिए मनमानी न करें।

क्या सर्जरी के बाद एक्सरसाइज करना सुरक्षित है? सर्जरी के लगभग 24 घंटे बाद डॉक्टर टहलने की सलाह दे सकते हैं। लगभग 3 दिन बाद हल्की स्ट्रेचिंग की सलाह दी जाती है। इस दौरान भारी वजन उठाने या बहुत भारी एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए। इस बारे में अपनी स्थिति के मुताबिक डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें।

सर्जरी के बाद कब्ज से बचने के क्या उपाय हैं? सर्जरी के बाद पेशेंट को एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं। इससे पाचन तंत्र धीमा पड़ जाता है। इस दौरान बाउल मूवमेंट में भी समस्या होती है। इसलिए सर्जरी के बाद कब्ज की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए ये बातें ध्यान रखें-

  • ज्यादा फाइबर वाला भोजन करें।
  • पूरे दिन में कम-से-कम 8 गिलास पानी पिएं।
  • हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी करते रहें।
  • अगर डॉक्टर ने कोई लैक्सेटिव यानी मल सॉफ्ट करने की दवा दी है तो समय पर लें।

सर्जरी के बाद क्या खाने-पीने से बचना चाहिए? सर्जरी की रिकवरी के दौरान ज्यादा-से-ज्यादा सादा भोजन करें। इस दौरान बहुत फैट वाली और तली-भुनी चीजें न खाएं। इसके अलावा ये चीजें भी अवॉइड करें-

  • जंक फूड, पैकेज्ड फूड।
  • बहुत मसालेदार और एसिडिक फूड।
  • सोडा और कोल्ड ड्रिंक्स।
  • चीनी और प्रोसेस्ड फूड।
  • ज्यादा चाय-कॉफी और शराब।
  • ऐसा भोजन, जो चबाने में सख्त है।

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