क्या आप हर सुबह स्नूज बटन दबाते हैं? Do you hit the snooze button every morning?

 

Morning Routine : क्या आप हर सुबह स्नूज बटन दबाते हैं

अगर आप को भी रोज सुबह स्नूज बटन दबाने की आदत है तो यह किस तरह आप के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, जरूर जानिए...

सुबह के 7 बज रहे हैं। रोज की तरह सीमा का अलार्म बज रहा है और वह स्नूज का बटन दबा कर दोबारा सो जाती है यह सोचते हुए कि जब 5 मिनट बाद दोबारा अलार्म बजेगा तब उठेगी। शायद वह अभी भी थकी हुई है। ऐसे में सीमा का स्नूज बटन दबाना बिलकुल सामान्य बात है और हम में से बहुत से लोग ऐसा करते भी हैं।

सर्वेक्षण के अनुसार, 3 में से 1 से ज्यादा व्यस्क सुबह उठने से पहले 3 बार स्नूज बटन दबाते हैं लेकिन क्या आप ने सोचा है आप का स्नूज बटन आप के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है क्योंकि बार-बार अलार्म बंद करने से लगातार नींद की कमी और नींद में समस्या बढ़ सकती है। स्नूज बटन के लंबे समय तक इस्तेमाल से आप का शरीर भ्रमित हो जाता है।

दरअसल, उसे पता ही नहीं चलता कि अब जागने और सोने का समय हो गया है क्योंकि स्नूज बटन आप को वापस गहरी नींद में जाने के लिए प्रेरित करता है और 10 मिनट के अंदर आप को जगा देता है और आप की नींद को रोक देता है।

खराब नींद आप के शरीर के सैकड़ों जीन्स को प्रभावित कर सकती है, जिस से तनाव बढ़ सकता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है और शरीर में सूजन बढ़ सकती है।

अलार्म को स्नूज करने से आप की सर्कैडियन रिदम गड़बड़ा सकती है। आप की सर्कैडियन रिदम एक आंतरिक 24 घंटे चलने वाली शारीरिक घड़ी है। यह दिनभर में आप की सतर्कता और नींद को नियंत्रित करती है और प्रकाश में होने वाले बदलावों पर प्रतिक्रिया करती है। सुबह के प्रकाश के कारण आप का मस्तिष्क जागने का समय जान लेता है।

स्नूज बटन दबाने से बचने के लिए

सोने का एक नियमित समय निर्धारित करें।

पर्याप्त व्यायाम करें, सोने से पहले कैफीन और स्क्रीन टाइम से बचें।

आरामदायक नींद का माहौल बनाएं।

अगर आप को नींद की पुरानी समस्या है तो मदद के लिए डाक्टर से सलाह लें क्योंकि स्नूज बटन को बार-बार दबाने से आप अधिक थका हुआ महसूस कर सकते हैं और आप के शरीर की आंतरिक घड़ी में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है, जिस से नींद संबंधी समस्याएं और संभावित स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

अगर आप हर सुबह अलार्म बजने से ठीक पहले पूरी तरह तरोताजा महसूस करते हुए जागते हैं तो आप यह मान लें कि आप की नींद सर्कैडियन रिदम के साथ तालमेल में है। यह रिदम शरीर के तापमान, रक्तचाप, मानसिक स्वास्थ्य, हारमोन के स्तर और नींद जैसी महत्त्वपूर्ण शारीरिक प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से चलाती है एवं उन्हें बेहतर बनाती है और यह आप को स्वस्थ रखता है।

अलार्म की जरूरत नहीं

स्नूज बटन आप की नींद को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट देता है, जिस से नींद की गुणवत्ता खराब होती है और आप को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता है। स्नूज बटन दबाना छोड़ना वाकई आसान है बस जब आप का अलार्म बजे, उठ जाइए। अगर आप रोज एक ही समय पर जागना शुरू कर देंगे तो आप का शरीर हर रात लगभग एक ही समय पर आराम करने के संकेत भेजेगा। आखिरकार, आप का शरीर और दिमाग रोज एक ही समय पर जागने के इतने आदी हो जाएंगे कि आप को अलार्म बजाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

आप को जागने में दिक्कत हो रही है तो आप को रोशनी की जरूरत है। अलार्म बजते ही लाइट जला दें ताकि आप का दिमाग समझ जाए कि जागने और दिन की तैयारी करने का समय हो गया है।

हमें अकसर पर्याप्त नींद नहीं मिलती और अलार्म घड़ी लगा कर हम उस समय जाग जाते हैं जब हमें अभी भी नींद की जरूरत होती है और फिर खराब नींद के असर दिखने में ज्यादा समय नहीं लगता। सिर्फ एक हफ्ते की खराब नींद आप के शरीर के सैकड़ों जीन्स को प्रभावित कर सकती है, जिस से तनाव बढ़ सकता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है और शरीर में सूजन बढ़ सकती है।

स्नूज बटन रोकने के सुझाव

एक से ज्यादा अलार्म सैट करना बंद करें।

अलार्म को कमरे के दूसरी तरफ रख दें ताकि उसे बंद करने के लिए आप को बिस्तर से उठना पड़े।

लाइट चालू करें।

अलार्म बज गया है और आप को उठने में दिक्कत हो रही है तो कंबल या चादर के नीचे से अपना पैर बिस्तर से बाहर निकाल कर जमीन पर रख दें। तापमान में तुरंत बदलाव आप को जगाने में मदद कर सकता है।

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