मौनसून में Fungal Infection Fungal Infections During the Monsoon

 

मौनसून में Fungal Infection से बचने के लिए ऐक्सपर्ट से जानें खास सुझाव

मौनसून के मौसम में भी स्किन को हैल्दी और शाइन बनाए रखने के लिए स्किन को क्लीन और ड्राई रखना बहुत जरूरी है। इस के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखें।

मौनसून का आना चुभती जलती गरमी से हमें राहत तो देता है, साथ ही हमारी स्किन के लिए कई चुनौतियां भी ले कर आता है। इस में बढ़ी हुई ह्यूमिडिटी हमारी स्किन को ऐक्ने, फंगल इन्फैक्शन और डल कौंप्लेक्स का शिकार बना सकती है। इसलिए ऐसे मौसम में अपनी स्किन को सही रखने के लिए बैस्ट केयर की जरूरत होती है।

मौनसून में स्किन केयर

मौनसून के मौसम में भी स्किन को हैल्दी और शाइन बनाए रखने के लिए स्किन को क्लीन और ड्राई रखना बहुत जरूरी है। इस के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखें :

  • नियमित रूप से अपनी स्किन को सौम्य क्लींजर से साफ करें।
  • टी ट्री औयल बेस क्लींजिंग का इस्तेमाल करें। इस में ऐंटीबैक्टीरियल प्रौपर्टी हैं जो औयल के ब्लौकेज से बचाती हैं।
  • मौनसून में त्वचा बहुत रूखी हो जाती है, इसलिए सोने से पहले हमेशा क्लींजिंग मिल्क से त्वचा को साफ करें और धो लें।
  • पौष्टिक खाना खाएं और तैलीय चीजों से बचें।

इस के अलावा इन उपायों को अपनाएं :

मोइस्चराइजर का उपयोग करें : मौनसून में भी अपनी त्वचा को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। एक हलका, औयल फ्री, जैल बेस्ड मोइस्चराइजर का उपयोग करें।

नैचुरल ऐलिमैंट्स : कुछ प्राकृतिक तत्त्व हैं जो मौनसून में त्वचा की देखभाल के लिए उपयोगी हो सकते हैं। जैसे- खीरा त्वचा को ठंडा और शांत करता है और सूजन को कम करने में मदद करता है। ऐलोवेरा जैल स्किन को मोइस्चर प्रदान करता है और जलन को शांत करता है। आप इसे फेस पैक के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

मौनसून में फिटकरी का उपयोग कर त्वचा को साफ किया जा सकता है, जो फंगल संक्रमण और त्वचा की समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

नैचुरल और और्गेनिक चीजों का प्रयोग करें। जैसे :

  • एलोवेरा स्किन को मोइस्चर प्रदान करता है और जलन को शांत करता है।
  • रोजवाटर स्किन को कूल रखता है और टोन करता है।
  • चंदन पाउडर स्किन को कुलिंग पहुंचाता है और दाग धब्बों को कम करने में मदद करता है।
  • हलदी चंदन फेस पैक स्किन को ग्लोइंग बनाने और इन्फैक्शन से बचाने में मदद करता है।
  • बेसन और हलदी का मिश्रण स्किन को ऐक्सफोलिएट करता है और रंगत में सुधार करता है।

ऐंटीफंगल उत्पादों का उपयोग करें

अगर आप को फंगस की समस्या है, तो ऐंटीफंगल उत्पादों का उपयोग करें। आप प्रभावित क्षेत्रों पर ऐंटीफंगल क्रीम या पाउडर का उपयोग कर सकते हैं।

पैरों को ड्राई रखें

पैरों को ड्राई रखना बहुत जरूरी है, खासकर पैरों के बीच में। अपने पैरों को अच्छी तरह से सुखाने के लिए तौलिए का उपयोग करें, विशेषकर पंजों के बीच ड्राइनैस का ध्यान रखें।

सांस लेने योग्य कपड़े पहनें

सूती कपड़े पहनें जो हवा को पास करे। टाइट फिटिंग कपड़ों से बचें जो नमी को फंसा सकते हैं।

हाइड्रेटेड रहें

पानी पीते रहें ताकि आप की स्किन में पानी की कमी न हो और स्किन हैल्दी रहे।

व्यक्तिगत वस्तुओं को साझा करने से बचें

व्यक्तिगत वस्तुओं जैसे तौलिए, मोजे और जूतों को शेयर न करें।

ऐंटीफंगल साबुन का प्रयोग करें

ऐंटीफंगल साबुन का उपयोग करें जो फंगस से बचाता है और आप की स्किन को क्लीन रखता है।

पैरों की अतिरिक्त देखभाल

पैरों की देखभाल: पैरों की देखभाल करने के लिए नियमित रूप से अपने पैर के नेल्स को काटें।

हाथों की देखभाल: हाथों की देखभाल करने के लिए नियमित रूप से अपने हाथ धोएं और उन्हें हाइड्रेटेड रखने के लिए मोइस्चराइजर लगाएं।

बारिश में हाई हील्स पहनने के लिए सुझाव

ड्राई पैर : बारिश के मौसम में पैर गीले होने की संभावना अधिक होती है, जिस से फंगल इन्फैक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि आप के पैर हर समय ड्राई रहें।

खुले जूते: जहां तक ​​संभव हो खुले जूते या सैंडल पहनें ताकि आप के पैरों को हवा मिलती रहे और पसीना कम हो।

नमी शोषक मोजे: अगर आप को हील्स पहनने की जरूरत है, तो ऐसे मोजे चुनें जो नमी को सोखते हों और उन्हें बार-बार बदलें, खासकर यदि वे नम हो जाएं।

ऐंटीफंगल पाउडर: आप ऐंटीफंगल पाउडर का उपयोग कर सकते हैं ताकि आप के पैरों को ड्राई फंगल इन्फैक्शन से बचाया जा सके।

पैरों की सफाई: बारिश में बाहर से आने के बाद अपने पैरों को अच्छी तरह से धो लें और ड्राई कर अच्छी तरह से लोशन लगा लें।

जूतों का ध्यान: अपने हील्स वाले जूतों को साफ रखें और उन्हें नियमित रूप से बदलें।

पेडीक्योर: इस मौसम में पेडीक्योर करवा कर ऐक्स्ट्रा ध्यान रखें। आप चाहें तो घर पर भी यह कर सकते हैं। इस के लिए सब से पहले गुनगुने पानी में थोड़ा शैंपू और नमक डाल कर पैरों को 10-15 मिनट के लिए भिगोएं। फिर पैरों को स्क्रब करें और प्यूमिस स्टोन से एड़ियों को साफ करें। इस के बाद नाखूनों को काटें और फाइल करें और फिर मोइस्चराइजर लगाएं। अंत में अपनी पसंद का नेल पेंट लगाएं।

पौष्टिक आहार और हाइड्रेशन

कम मसाले वाला खाना खाएं और खूब पानी पिएं। फ्रूट्स का सेवन करें।

हील्स का चुनाव

कुछ हाई हील्स सिंथेटिक सामग्री से बनी होती है, जो नमी को सोख नहीं पाती है, जिस से फंगल इन्फैक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

हाइड्रेटिंग मोइस्चराइजर

पैरों की स्किन को हैल्दी बनाने के लिए हाइड्रेटिंग मोइस्चराइजर अच्छी तरह से लगाएं। हील्स पहनने से पहले और बाद में भी।

विटामिन सी का सेवन

रोजाना लंच के बाद विटामिन सी का सेवन करें (1 गिलास पानी में विटामिन सी मिक्स कर के पी लें)।

रैनबो डाइट फौलो करें

अलग-अलग कलर की सब्जी और फल खाएं, साथ में नीबू रस मिला लें।

अगर आप भी मौनसून के मौसम में ऐक्सपर्ट की इन बातों का खयाल रखेंगे तो बारिश में आप के पैर फंगल फ्री और खूबसूरत दिखेंगे और हील्स पहनने में भी प्रौब्लम नहीं होगी।

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डॉ. के पी कौशिक

आनुवंशिक मांसपेशी विकार Genetic Muscle Disorder