क्लॉस्ट्रोफ़ोबिया से राहत Relief from Claustrophobia
इस बीमारी की वजह से जया बच्चन को आता है गुस्सा
जया बच्चन अकसर अपने गुस्से के वजह से चर्चा में छाई रहती हैं। लेकिन क्या आप को पता है कि जया के ऐसे व्यवहार और गुस्से का कारण क्या है?
70 के दशक की मासूम सी दिखने वाली अपने समय की फेमस ऐक्ट्रैस और समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन अकसर अपने गुस्से के वजह से चर्चा में छाई रहती हैं। कभी सदन में दिए अपने बयान की वजह से, कभी पैपराजी को फोटो क्लिक करने से मना कर फटकार लगाते हुए। लेकिन हाल ही में दिल्ली में उन के गुस्से का शिकार एक मीडियाकर्मी हो गया। सैल्फी लेने के चक्कर में उस मीडियाकर्मी को जया ने धक्का दे दिया।
यह पहली बार नहीं है जब जया बच्चन ने पब्लिक में इस तरह रिएक्ट किया हो। उन्हें कई मौकों पर बिना इजाजत फोटो खींचने वालों को ऐसे ही फटकार लगाते देखा गया है।
वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर जया बच्चन का एक 12 अगस्त, 2025 का वीडियो सामने आया है, जिस में वे सैल्फी लेने आए व्यक्ति को धक्का देती हुई नजर आ रही हैं। वे उस शख्स से कहती हैं, “क्या कर रहे हैं आप? (What is this?)…”
वीडियो में नजर आ रहा है कि जया बच्चन दिल्ली के कौंस्टिट्यूशन क्लब के बाहर खड़ी हो कर किसी से बात कर रही थीं। तभी एक व्यक्ति उन के साइड में खड़े होकर सैल्फी लेने की कोशिश करता है। इस बात से जया बच्चन गुस्से से भड़क जाती हैं। हालांकि वह मीडियाकर्मी इस गलती के लिए उन से माफी भी मांगता है। मगर कुछ ही मिनटों में यह वीडियो वायरल हो जाता है।
सोशल मीडिया पर उन के गुस्से और व्यवहार को ले कर हर तरफ चर्चा हो रही है कि उन्हें जरा सी बात पर इतना गुस्सा आता ही क्यों है। लेकिन क्या आप को पता है कि जया के ऐसे व्यवहार और गुस्से का कारण क्या है?
जया के गुस्से का कारण
जया के गुस्से और बेरुखी वाले रवैये का कारण उन की बीमारी है। आप को बता दें कि वे क्लौस्ट्रफोबिक बीमारी से ग्रस्त हैं। जब उन के आसपास बहुत सारे लोग होते हैं तो उन्हें बहुत घुटन महसूस होती है। उन्हें यह भी पसंद नहीं है कि लोग उन से पूछे बिना उन की फोटोज लें। यह बात जया बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन ने एक टीवी शो के दौरान बताई थी। अब वह पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिस में वे करण जौहर के शो ‘कौफी विद करण’ में अपने भाई के साथ पहुंची थीं।
इस दौरान करण जौहर ने जया बच्चन के पुराने वीडियो के बारे में पूछा, जिस में वे पैपराजी को फटकार लगा रही हैं। इस पर अभिषेक बच्चन कहते हैं कि मैं जब भी अपनी फैमिली के साथ बाहर निकलता हूं तो कुदरत से प्रार्थना करता हूं कि कोई पैपराजी आसपास न हो। वहीं श्वेता कहती हैं कि जया बच्चन को फोटो क्लिक करवाना बिलकुल भी पसंद नहीं है।
क्लास्ट्रोफोबिक की बीमारी है क्या? और इस के लक्षण क्या होते हैं?
क्लास्ट्रोफोबिया एक तरह का ऐंग्जाइटी डिसऔर्डर है, जो डर, भय से संबंधित प्रौब्लम है। इस से पीड़ित लोगों को तंग जगहों जैसे- लिफ्ट या छोटे अंधेरे कमरे में जाते हुए घबराहट होती है। कुछ लोगों को हवाईयात्रा के दौरान, पर्यटन स्थलों की गुफा या अंधेरी सुरंग में जाने पर भी बहुत घुटन महसूस होती है। ऐसे लोगों को भीड़ वाले स्थान में भी घबराहट महसूस होती है। वे यह सोच कर बहुत चिंतित हो जाते हैं कि मैं इस भीड़ से बाहर कैसे निकल पाऊंगा?
क्लास्ट्रोफोबिया बीमारी के लक्षण
क्लास्ट्रोफोबिया के लक्षणों में फिजिकल रूप से पसीना आना, दिल की धड़कन तेज होना, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर आना, मितली और सीने में जकड़न आदि शामिल हैं। साइकोलौजिकल लक्षणों में कंट्रोल खोने का डर, भागने की तीव्र इच्छा और वास्तविकता से अलग महसूस करना शामिल हो सकता है। ये लक्षण अकसर बंद जगहों, जैसे लिफ्ट या भीड़-भाड़ वाले कमरे में फंसने के डर से शुरू होते हैं।
लक्षणों की गंभीरता हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है और यह हलकी बेचैनी से ले कर गंभीर पैनिक अटैक तक हो सकते हैं।
उपचार
- इस बीमारी को दूर करने के लिए लंबी गहरी सांस लें और खुद को समझाने की कोशिश करें कि यह कुछ ही देर की बात है, जो अपने-आप दूर हो जाएगी।
- योग और मैडिटेशन को अपने डेली रूटीन में शामिल करें।
- अगर सिचुशन में सुधार न आए तो साइकोलौजिकल काउंसलर से बात करें।
- काउंसलिंग और कोग्नेटिव बिहेवियर थेरैपी से आमतौर पर यह समस्या दूर हो जाती है।
- उपचार के लिए मरीज को सुरक्षित तरीके से वैसे ही माहौल में रखा जाता है, जिस में उसे डर लगता है।
70 के दशक की मासूम सी दिखने वाली अपने समय की फेमस ऐक्ट्रैस और समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन अकसर अपने गुस्से के वजह से चर्चा में छाई रहती हैं। कभी सदन में दिए अपने बयान की वजह से, कभी पैपराजी को फोटो क्लिक करने से मना कर फटकार लगाते हुए। लेकिन हाल ही में दिल्ली में उन के गुस्से का शिकार एक मीडियाकर्मी हो गया। सैल्फी लेने के चक्कर में उस मीडियाकर्मी को जया ने धक्का दे दिया।
यह पहली बार नहीं है जब जया बच्चन ने पब्लिक में इस तरह रिएक्ट किया हो। उन्हें कई मौकों पर बिना इजाजत फोटो खींचने वालों को ऐसे ही फटकार लगाते देखा गया है।
वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर जया बच्चन का एक 12 अगस्त, 2025 का वीडियो सामने आया है, जिस में वे सैल्फी लेने आए व्यक्ति को धक्का देती हुई नजर आ रही हैं। वे उस शख्स से कहती हैं, “क्या कर रहे हैं आप? (What is this?)…”
वीडियो में नजर आ रहा है कि जया बच्चन दिल्ली के कौंस्टिट्यूशन क्लब के बाहर खड़ी हो कर किसी से बात कर रही थीं। तभी एक व्यक्ति उन के साइड में खड़े होकर सैल्फी लेने की कोशिश करता है। इस बात से जया बच्चन गुस्से से भड़क जाती हैं। हालांकि वह मीडियाकर्मी इस गलती के लिए उन से माफी भी मांगता है। मगर कुछ ही मिनटों में यह वीडियो वायरल हो जाता है।
सोशल मीडिया पर उन के गुस्से और व्यवहार को ले कर हर तरफ चर्चा हो रही है कि उन्हें जरा सी बात पर इतना गुस्सा आता ही क्यों है। लेकिन क्या आप को पता है कि जया के ऐसे व्यवहार और गुस्से का कारण क्या है?
जया के गुस्से का कारण
जया के गुस्से और बेरुखी वाले रवैये का कारण उन की बीमारी है। आप को बता दें कि वे क्लौस्ट्रफोबिक बीमारी से ग्रस्त हैं। जब उन के आसपास बहुत सारे लोग होते हैं तो उन्हें बहुत घुटन महसूस होती है। उन्हें यह भी पसंद नहीं है कि लोग उन से पूछे बिना उन की फोटोज लें। यह बात जया बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन ने एक टीवी शो के दौरान बताई थी। अब वह पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिस में वे करण जौहर के शो ‘कौफी विद करण’ में अपने भाई के साथ पहुंची थीं।
इस दौरान करण जौहर ने जया बच्चन के पुराने वीडियो के बारे में पूछा, जिस में वे पैपराजी को फटकार लगा रही हैं। इस पर अभिषेक बच्चन कहते हैं कि मैं जब भी अपनी फैमिली के साथ बाहर निकलता हूं तो कुदरत से प्रार्थना करता हूं कि कोई पैपराजी आसपास न हो। वहीं श्वेता कहती हैं कि जया बच्चन को फोटो क्लिक करवाना बिलकुल भी पसंद नहीं है।
क्लास्ट्रोफोबिक की बीमारी है क्या? और इस के लक्षण क्या होते हैं?
क्लास्ट्रोफोबिया एक तरह का ऐंग्जाइटी डिसऔर्डर है, जो डर, भय से संबंधित प्रौब्लम है। इस से पीड़ित लोगों को तंग जगहों जैसे- लिफ्ट या छोटे अंधेरे कमरे में जाते हुए घबराहट होती है। कुछ लोगों को हवाईयात्रा के दौरान, पर्यटन स्थलों की गुफा या अंधेरी सुरंग में जाने पर भी बहुत घुटन महसूस होती है। ऐसे लोगों को भीड़ वाले स्थान में भी घबराहट महसूस होती है। वे यह सोच कर बहुत चिंतित हो जाते हैं कि मैं इस भीड़ से बाहर कैसे निकल पाऊंगा?
क्लास्ट्रोफोबिया बीमारी के लक्षण
क्लास्ट्रोफोबिया के लक्षणों में फिजिकल रूप से पसीना आना, दिल की धड़कन तेज होना, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर आना, मितली और सीने में जकड़न आदि शामिल हैं। साइकोलौजिकल लक्षणों में कंट्रोल खोने का डर, भागने की तीव्र इच्छा और वास्तविकता से अलग महसूस करना शामिल हो सकता है। ये लक्षण अकसर बंद जगहों, जैसे लिफ्ट या भीड़-भाड़ वाले कमरे में फंसने के डर से शुरू होते हैं।
लक्षणों की गंभीरता हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है और यह हलकी बेचैनी से ले कर गंभीर पैनिक अटैक तक हो सकते हैं।
उपचार
- इस बीमारी को दूर करने के लिए लंबी गहरी सांस लें और खुद को समझाने की कोशिश करें कि यह कुछ ही देर की बात है, जो अपने-आप दूर हो जाएगी।
- योग और मैडिटेशन को अपने डेली रूटीन में शामिल करें।
- अगर सिचुशन में सुधार न आए तो साइकोलौजिकल काउंसलर से बात करें।
- काउंसलिंग और कोग्नेटिव बिहेवियर थेरैपी से आमतौर पर यह समस्या दूर हो जाती है।
- उपचार के लिए मरीज को सुरक्षित तरीके से वैसे ही माहौल में रखा जाता है, जिस में उसे डर लगता है।

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