ज्यादा पसीना क्यों आता है ? Why do we sweat excessively?

 

कभी सोचा है, शरीर से क्यों निकलता है पसीना

पसीना शरीर के कुछ खास हिस्सों में अधिक आता है। जैसे हमारी हथेलियां, माथा, पैर के तलवे, आर्मपिट आदि क्यों कि इन हिस्सों में स्वेटग्लैंड्स अधिक मात्रा में होते हैं।

क्या आप के साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि आप कौन्फ्रेंस रूम में खड़े हो कर प्रेजेंटेशन दे रहे हैं। सामने बौस, सीनियर्स और को-वर्कर्स बैठे हुए हैं। मीटिंग काफी महत्वपूर्ण है और आप के दिल की धड़कनें बढ़ी हुई है। हथेलियां पसीने से भीग रही है।

आप हाथों को किसी तरह पोंछने का प्रयास कर रहे हैं और घबड़ाहट में आप के हाथों से नोट्स गिरते-गिरते बचता है। ऐसी परिस्थिति में न सिर्फ आप का आत्मविश्वास घटता है बल्कि देखने वाले पर आप के व्यक्तित्व को ले कर नकारात्मक प्रभाव भी  पड़ता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है जो अक्सर हमारे साथ होता है। यह स्ट्रेसफुल या तनावपूर्ण परिस्थितियों  की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है।

फर्स्ट डेट, इंटेंस सोशल इंगेजमेंट या किसी डेडलाइन को मिस कर देने के भय के दौरान भी कुछ इसी तरह की स्थिति महसूस होती है। कई दफा तीखे मसालेदार भोजन ,जंक फूडस, स्मोकिंग या कैफीन के अधिक प्रयोग से भी ऐसा हो सकता है।

पसीना शरीर के कुछ खास हिस्सों में अधिक आता है। जैसे हमारी हथेलियां, माथा, पैर के तलवे, आर्मपिट आदि क्यों कि इन हिस्सों में स्वेटग्लैंड्स अधिक मात्रा में होते हैं। पसीना निकलता है ताकि हमारे शरीर का तापमान घट जाए। यही वजह है कि जब आप जोगिंग पर जाते हैं, कुश्ती लड़ते हैं, मेहनत का काम करते हैं या फिर गर्मी अधिक हो रही होती है तो आप को पसीना आने लगता है। तनावपूर्ण परिस्थिति में भी हमारे शरीर का तापमान बढ़ जाता है और पसीना आता है।

क्यों होती है नर्वस स्वेटिंग?

इस सन्दर्भ में स्वास्तिक क्लिनिक के डा. के पी कौशिक कहते हैं कि जब आप नर्वस होते हैं तो आप के स्ट्रेस हार्मोन एक्टिवेट हो जाते हैं इस से आप के शरीर का तापमान और हृदय की धड़कनें बढ़ जाती हैं मस्तिष्क में मौजूद हाइपोथेलेमस, जो पसीने को नियंत्रित करता है, स्वेट ग्लैंड्स को संदेश भेजता है कि शरीर को ठंडा करने के लिए थोड़ा पसीना निकालना जरूरी है सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम इमोशनल  सिग्नल्स को पसीने में बदल देता है आप इस प्रक्रिया को नियंत्रित नहीं कर सकते

कैसे बचें इस परिस्थिति से परेशान न हों घबराएं नहीं। इस से आप की परेशानी और बढ़ जाएगी। घबराहट में सांसें तेज़-तेज़ चलने लगती हैं। रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है जिस से और अधिक पसीना निकलने लगता है।

रिलैक्सेशन और मेडिटेशन

अगर आप के दिल की धड़कनें तेज हो गईं हों तो थोड़ा रिलैक्स होने का प्रयास करें। अपनी ब्रीदिंग पर फोकस करें। गहरी सांस लें। कुछ देर तक (5-6 सेकंड) रोक कर रखें और फिर छोड़ दें। इस से आप का मन शांत होगा और स्ट्रेस घट जाएगा।

नियमित रूप से एक्सरसाइज करें

जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें तनाव कम होता है। आत्मविश्वास बढ़ता है। आप जितने अधिक आत्मविश्वासी होंगे तनावपूर्ण स्थितियों को उतने  बेहतर तरीके से हैंडल कर पाएंगे।

शरीर में जल का स्तर बनाए रखें

अपने शरीर का तापमान कम रखने के लिए पानी अधिक पिएं ताकि अधिक उष्मा को आपका शरीर त्वचा से पसीने के रूप में बाहर निकाल दे।

एंटीपर्सपिरेंट इस्तेमाल करें

एंटीपर्सपिरेंट में पसीने को ब्लौक करने की क्षमता होती है। अगर आप को नर्वस, स्ट्रेस या एंग्जाइटी स्वेट की समस्या है, हथेलियों में पसीना ज्यादा आता है तो एंटीपर्सपिरेंट लगाएं।

अपने पास थोड़ा बेकिंग पाउडर, कौर्नस्टार्च आदि रखे और किसी तनावपूर्ण स्थिति का सामना करने से पहले इसे हथेलियों पर अप्लाई करें।

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डॉ. के पी कौशिक

आनुवंशिक मांसपेशी विकार Genetic Muscle Disorder