काले रंग की चीजें लाजवाब Black things are amazing
रहना चाहते हैं स्वस्थ, तो इन 11 काली चीजों को बनाएं अपनी डाइट का हिस्सा
यहां काले रंग की चीजों का मामला खाने-पीने से जुड़ा है। कुदरत के खजाने में मौजूद कई काले रंग की खाने-पीने की चीजें लाजवाब खूबियों से भरपूर होती हैं।
अकसर काले रंग की चीजों को हिकारत से देखा जाता है। इस रंग को गम का प्रतीक भी माना जाता है। कोई गलत काम हो गया तो कहा जाता है कि उस का तो मुंह काला हो गया। काली गाडि़यों में चलने वालों की छवि गुंडे-बदमाशों की मानी जाती है। हराम के या दो नंबर के पैसों को काला धन कहा जाता है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि काला रंग महज बुराई या खराबी का ही प्रतीक होता है। यह रंग खूबियों से भी भरपूर होता है। काली पोशाक में सजे गोरे लोग सुन्दर दिखाई देते हैं। जैसे एक वक्त में देवानंद फिल्म एक्टर के पीछे लोग पागल थे। बहरहाल, यहां काले रंग की चीजों का मामला खाने-पीने से जुड़ा है। कुदरत के खजाने में मौजूद कई काले रंग की खाने-पीने की चीजें लाजवाब खूबियों से भरपूर होती हैं। ये तमाम काले खाने-पीने के सामान न सिर्फ खाने का जायका बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेमिसाल होते हैं। कई बीमारियां दूर करने में भी काली चीजें कमाल की साबित होती हैं।
पेश हैं कुछ ऐसी ही काली चीजों की दास्तां, जो हमारी सेहत के लिए लाजवाब हैं:
काले अंगूर
यों तो साधारण हरा अंगूर भी सेहत के लिए लाजवाब होता है, मगर काले अंगूर कुछ ज्यादा ही खासीयतों से भरपूर होते हैं। इसी वजह से ये हरे अंगूरों के मुकाबले महंगे भी मिलते हैं। काले अंगूर दिल की बीमारियों के लिहाज से उम्दा होते हैं। ये फेफड़े के कैंसर में भी फायदा पहुंचाते हैं। काला अंगूर अल्जाइमर यानी यादाश्त गड़बड़ होने की बीमारी में भी फायदा पहुंचाता है। इन के सेवन से कोलेस्ट्राल भी सही रहता है। और जहां तक जायके की बात है तो काले अंगूर बेहद स्वादिष्ठ होते हैं।
काले जामुन
ऊंचे पेड़ों में लगने वाला काला जामुन बेहद फायदेमंद फल होता है। इस का खास जायका सभी को पसंद आता है। इस की गुठली बेर की सख्त गुठली के मुकाबले बेहद नरम होती है और अकसर दांतों से कट जाती है। पेट के मरीजों के लिए जामुन बेहद फायदेमंद साबित होता है। जामुन खाने वाले का हाजमा एकदम दुरुस्त हो जाता है। जामुन का सिरका भी बहुत कारगर होता है। स्वाद से भरपूर जामुन काफी महंगे मिलते हैं।
ब्लैकबेरी
यह भी काफी स्वादिष्ठ और महंगा फल होता है। इस में मौजूद विटामिन सी, ए, ई, के और फाइबर शरीर में मेटाबालिज्म का स्तर दुरुस्त रखते हैं। ये विटामिन और फाइबर शरीर का वजन भी काबू में रखते हैं। ब्लैकबेरी टाइप टू डायबिटीज और दिल की बीमारियों से बचाने में मददगार है। इसे खाने से स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम हो जाता है। कुल मिला कर काले रंग की ब्लैकबेरी कमाल की होती है।
कालीमिर्च
काले रंग की गोल-गोल नजर आने वाली काली मिर्च को आकार की वजह से गोल मिर्च भी कहा जाता है। हरी व लाल मिर्ची से एकदम अलग नस्ल की काली मिर्च गरम मसालों की बिरादरी में शामिल होती है। यह खाने का जायका बढ़ाने में कारगर रहती है। यह मैग्नीशियम, विटामिन सी, के और फाइबर वगैरह से भरपूर होती है। इस के इस्तेमाल से गैस, कब्ज, डायरिया, खून की कमी व सांस के रोगों में आराम मिलता है। रोजमर्रा की सब्जियों में इसे नियमित मसाले के तौर पर शामिल किया जाता है। उबले अंडों के साथ भी इस का इस्तेमाल किया जाता है।
काले तिल
यों तो सफेद तिलों का नियमित तौर पर ज्यादा इस्तेमाल होता है। रेवड़ी व गजक जैसी चीजों में आमतौर पर सफेद तिल ही इस्तेमाल किए जाते हैं, मगर काले तिलों की अहमियत बहुत ज्यादा होती है। दिल की बीमारियों, सांस की बीमारियों, कालोन कैंसर, माइग्रेन का दर्द व जलन वगैरह में काले तिलों के इस्तेमाल से बहुत फायदा होता है। तमाम घरों में काले तिल के लड्डू भी बनाए जाते हैं।
काली सेम
बेशक हरी सेम ज्यादा तादाद में बाजार में नजर आती है, मगर उस के मुकाबले काली सेम ज्यादा कारगर होती है। काली सेम में तमाम किस्म के प्रोटीन मौजूद होते हैं और ये प्रोटीन डायबिटीज की तकलीफ से बचाते हैं। काली सेम के इस्तेमाल से धमनियां भी दुरुस्त रहती हैं और दिल के रोगों का भी खतरा कम हो जाता है। इस में मौजूद फाइबर सेहत के लिए लाजवाब होता है।
काले चावल
बिरयानी या जर्दा खाने के शौकीन बेशक सफेद और लंबे चावलों के कायल होते हैं, पर उम्दा से उम्दा बासमती चावल से भी कहीं ज्यादा गुणी होते हैं काले चावल. काले चावल विटामिन (ई, बी), कैल्शियम और आयरन से भरपूर होते हैं और तमाम बीमारियों से नजात दिलाने में कारगर साबित होते हैं। खासतौर पर कैंसर, अल्जाइमर व डायबिटीज की तकलीफों में काला चावल बेहद फायदेमंद साबित होता है।
काली चाकलेट
चाकलेट आमतौर पर ब्राउन कलर की होती है और गजब की जायकेदार होती है। सफेद चाकलेट का भी अपना निराला जायका होता है। मगर इन दोनों के मुकाबले काली चाकलेट बेहद कमाल की होती है। काली चाकलेट में मौजूद अमीनो एसिड केशों यानी सिर के बालों को चमकीला बनाता है और चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ने देता। इसे खाने से ब्लड प्रेशर व वजन भी काबू में रहता है।
काली चाय
दूध वाली सफेद या गुलाबी सी चाय तो सभी पीते हैं, मगर काली चाय के गुण बेमिसाल होते हैं। काली चाय में संक्रमण से लड़ने वाले पालीफेनल्स मौजूद होते हैं, जो धमनियों की दीवारों को नुकसान से महफूज रखते हैं। काली चाय का सेवन खून के थक्के बनने से रोकता है। इस के इस्तेमाल से पेट व स्तन के कैंसर में आराम मिलता है।
काला सिरका
काला सिरका ज्वार, गेहूं व भूरे चावलों को मिला कर तैयार किया जाता है। यह आमतौर पर प्रचलित सिरके के मुकाबले बहुत ज्यादा कारगर होता है। इस के इस्तेमाल से कोलेस्ट्राल व हाइपरटेंशन काबू में रहता है। काले सिरके के इस्तेमाल से शरीर में खून का संचार भी ठीक रहता है।
काला जैतून
यह भी बेहद कारगर होता है। चीन में काले जैतून का इस्तेमाल खांसी के इलाज के लिए किया जाता था। अभी भी दुनिया भर में इस का औषधीय इस्तेमाल किया जाता है। यह कोलेस्ट्राल सही रखता है और दिल के रोगों में कारगर साबित होता है। इस का इस्तेमाल कांटीनेंटल पकवानों में भी किया जाता है। यह काफी महंगा होता है।

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