बच्चों के लिए निजी स्वच्छता Personal Hygiene For Kids

 

Personal Hygiene For Kids : बच्चों में ऐसे डालें हैंडवौश की आदत

बचपन को शरारत से दूर रखना भले ही नामुमकिन हो, मगर जर्म्स के कारण बीमार पड़ने से रोकना मुमकिन है कुछ ऐसे...

बच्चों के नन्हें-नन्हें हाथ जहां प्यारे-प्यारे से लगते हैं, वहीं वे जर्म से भी भरे होते हैं, क्योंकि वे अकसर मिट्टी में खेलते हैं। उन का दिमाग हर समय शरारतों में लगा रहता है। ऐसे में उन्हें मस्ती की इस उम्र में शरारतें करने से तो नहीं रोक सकते लेकिन उन्हें हैंडवौश का महत्त्व जरूर बता सकते हैं। अकसर संक्रामक रोग का कारण गंदगी व हाथ नहीं धोना ही होता है और इस कारण कई बच्चे बीमार व मृत्यु के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में हैंडवौश की हैबिट इस अनुपात को आधा करने में सहायक हो सकती है।

हाथों में सब से ज्यादा जर्म

हाथों में 2 तरह के रोगाणु होते हैं, जिन्हें सूक्ष्मजीव भी कहा जाता है। एक रैजिडैंट और दूसरे ट्रैजेंट सूक्ष्मजीव। जो रैजिडैंट सूक्ष्मजीव होते है, वे स्वस्थ लोगों में बीमारियों का कारण नहीं बनते हैं, क्योंकि वे हमेशा हाथों में रहते हैं और हैंडवौश से भी नहीं हटते, जबकि ट्रैजेंट सूक्ष्मजीव आते-जाते रहते हैं। ये खांसने, छींकने, दूषित भोजन को छूने से हाथों पर स्थानांतरित हो जाते हैं। फिर जब एक बार कीटाणु हाथों को दूषित कर देते हैं तो संक्रमण का कारण बनते हैं। इसलिए हाथों को साबुन से धोना बहुत जरूरी है।

न्यूजीलैंड में हुई एक रिसर्च के अनुसार, टौयलेट के बाद 92% महिलाएं व 81% पुरुष ही साबुन का इस्तेमाल करते हैं, जबकि यूएस की रिसर्च के अनुसार सिर्फ 63% लोग ही टौयलेट के बाद हाथ धोते हैं। उन में भी सिर्फ 2% ही साबुन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप पानी व साबुन से हैंडवौश की आदत डालें ताकि आप के बच्चे भी आप को देख कर यह सीखें। क्या हैं ट्रिक्स, जो बच्चों में हैंडवौश की आदत डालेंगे:

फन विद लर्न

आप अपने बच्चों को सिखाएं कि जब भी बाहर से आएं, टौयलेट यूज करें. जब भी किसी ऐनिमल को टच करें, छींकें, खांसें तब हैंडवौश जरूर करें वरना कीटाणु बीमार कर देंगे। आप भी उन के इस रूटीन में भागीदार बनें। उन से कहें कि जो जल्दी हैंडवौश करेगा वही विनर बनेगा। अब देखते हैं तुम या मैं, यह फन विद लर्न गेम उन में हैंडवौश की हैबिट को डैवलप करने का काम करेगा।

स्मार्ट स्टूल्स

कई घरों में हैंडवौश करने की जगह बहुत ऊंची होती है, जिस कारण बच्चे बार-बार उस जगह जाना पसंद नहीं करते। ऐसे में आप उन के लिए स्मार्ट सा स्टूल रखें, जिस पर चढ़ना उन्हें अच्छा लगे और वे उस पर चढ़ कर हैंडवौश करें। साथ ही टैप्स में स्मार्ट किड्स फौसिट ऐक्सटैंड, जो बर्ड्स की शेप के आते हैं लगाएं। ये सब चीजें बच्चों को अट्रैक्ट करने के साथ-साथ उन में हैंडवौश की आदत डालने का काम करती हैं।

जर्म फ्री हैंड्स

‘जर्म मेक मी सिक’ क्या तुम चाहते हो कि तुम्हें जर्म बीमार कर दें और तुम उस कारण न तो स्कूल जा पाओ और न ही दोस्तों के साथ खेल पाओ? नहीं न, तो फिर जब भी हैंडवौश करो तो सिर्फ पानी से ही नहीं, बल्कि साबुन से रगड़-रगड़ कर अपनी उंगलियों, हथेलियों व अंगूठों को अच्छी तरह साफ करो। इस से तुम्हें जर्म फ्री हैंड्स मिलेंगे।

टीच बाई ग्लिटर मैथड

अगर आप के बच्चे अच्छी तरह हैंडवौश नहीं करते हैं तो आप उन्हें ग्लिटर के माध्यम से जर्म के बारे में समझाएं। इस के लिए आप उन के हाथों पर ग्लिटर डालें, फिर थोड़े से पानी से हैंडवौश कर के टौवेल से पोंछने को कहें। इस के बाद भी उन के हाथों में ग्लिटर रह जाएगा, तब आप उन्हें समझाएं कि इसी तरह अगर आप अच्छी तरह हैंडवौश नहीं करेंगे तो जर्म आप के हाथों में रह कर के आप को बीमार कर देंगे।

फन सौंग्स से डालें आदत

अपने बच्चों में फन सौंग्स गा कर हैंडवौश की हैबिट डालें। जैसे जब भी वे खाना खाने बैठें या फिर टौयलेट से आएं तो उन्हें हैंडवौश कराते हुए कहें,

वौश योर हैंड्स, वौश योर हैंड्स

बिफोर यू ईट, बिफोर यू ईट,

वौश विद सोप ऐंड वाटर, वौश विद सोप ऐंड वाटर,

योर हैंड्स आर क्लीन, यू आर रैडी टू ईट,

वौश योर हैंड्स, वौश योर हैंड्स,

आफ्टर टौयलेट यूज, वौश योर हैंड्स विद सोप ऐंड वाटर,

टू कीप डिजीज अवे।

यकीन मानिए ये ट्रिक आप के बहुत

काम आएंगे।

अट्रैक्टिव सोप डिस्पैंसर

बच्चे अट्रैक्टिव चीजें देख कर खुश होते हैं। ऐसे में आप उन के लिए अट्रैक्टिव हैंडवौश डिस्पैंसर लाएं, जिसे देख कर उन का बार-बार हैंडवौश करने को मन करेगा।

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डॉ. के पी कौशिक

आनुवंशिक मांसपेशी विकार Genetic Muscle Disorder