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Showing posts from December, 2025

आयोडीन की कमी सेंधा नमक कितना जिम्मेदार How much is rock salt responsible for iodine

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  Health Update:  आयोडीन की कमी सेंधा नमक कितना जिम्मेदार ? व्रत रखने वाले लोग सेंधा नमक का बहुत प्रयोग करते है. कम लोगों को पता है कि सेंधा नमक में आयोडीन नहीं होता है. जो लोग सेंधा नमक का प्रयोग ज्यादा करते है उन में आयोडीन की कमी हो सकती है. जिस सेंधा नमक को सही माना जाता है वह सेहत के लिए उतना उपयोगी नहीं होता. आयोडीन की कमी बहुत पहले से चल रही है. इस के कारण ही देश में खुले नमक की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी. आज कई तरह के पैकेट वाले नमक बाजार में बिक रहे हैं. जो कीमत में सौ रुपए तक हैं. ये सभी शरीर में आयोडीन की मात्रा को पूरा करने का दावा करते हैं. नमक का बड़ा बाजार बन गया है. पैकेटबंद नमक के बाद भी लोगों को आयोडीन की कमी होने लगी है. भारत के सौल्ट कमिश्नर औफिस के अनुसार, देश के लगभग 20 करोड़ से ज्यादा लोगों को आयोडीन डैफिशिएंसी डिसऔर्डर का खतरा है. 7 करोड़ से ज्यादा लोग घेंघा से और आयोडीन की कमी से होने वाले अन्य डिसऔर्डर से जूझ रहे हैं. आयोडीन एक ऐसा मिनरल जो शरीर को बहुत कम मात्रा में चाहिए. इस के बावजूद, यह शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है. आयोडीन की कमी होने...

नाइट शिफ्ट में काम शरीर का काम तमाम Working in night shift is terrible for your body

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  Health Update : शिफ्ट की नौकरी और शरीर की घड़ी – कैसे रखें तालमेल  आज के दौर में शिफ्ट में काम करना आम होता जा रहा है- कभी सुबह, कभी रात तो कभी दोपहर की शिफ्ट. हालांकि यह काम की मांग के अनुसार जरूरी हो सकता है, लेकिन इस का असर शरीर की प्राकृतिक कार्यप्रणाली यानी बौडी क्लौक पर पड़ता है आज के दौर में शिफ्ट में काम करना आम होता जा रहा है- कभी सुबह, कभी रात तो कभी दोपहर की शिफ्ट. हालांकि यह काम की मांग के अनुसार जरूरी हो सकता है, लेकिन इस का असर शरीर की प्राकृतिक कार्यप्रणाली यानी बौडी क्लौक पर पड़ता है. लगातार बदलती दिनचर्या नींद, भोजन, हार्मोन संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है. शोध बताते हैं कि शिफ्ट में काम करने वालों में अवसाद, चिंता और अनिद्रा की समस्या अधिक होती है. रात में काम करने से डीएनए की मरम्मत करने वाले जीन की कार्यक्षमता घटती है, जिस से गंभीर रोगों का खतरा बढ़ता है. मेटाबोलिज्म बिगड़ने के कारण कब्ज, अपच और सिरदर्द आम हो जाते हैं. त्वचा संबंधी समस्याएं जैसे मुहांसे और झुर्रियां भी नींद की कमी और हार्मोन असंतुलन से जुड़ी हैं. इस के अलावा, लगातार शिफ्ट ब...

Injury from a minor fall मामूली गिरने से चोट

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  Health Update : भारत में वयस्कों के मामूली गिरने से  चोटिल होने की क्या है वजह, जानें एक्सपर्ट से गिरना वैसे तो आम बात है मगर गिरने के बाद यदि किसी प्रकार की बड़ी चोट लग जाए तो चिंता की बात है. कुछ लोग छोटेमोटे गिरने से ही चोटिल हो जाते हैं इस की बड़ी वजह गिरने वाले व्यक्ति में ही छुपी है, 75 वर्षीय सुहासी पिछले 5 सालों से बेड पर हैं क्योंकि उन की कमर की हड्डी बाथरूम में गिरने की वजह से टूट चुकी है. उन्होंने कई डाक्टरों से जांच करवाई और दवाइयां लीं, लेकिन वह फिर से चल नहीं पाई. डाक्टर्स का कहना है कि उन की हड्डियों में ताकत नहीं है, इसलिए वह खड़ी नहीं हो सकतीं. बेड पर ही उन्हें सबकुछ करना पड़ता ह. बेड पर बैठ कर बड़ी मुश्किल से वह सिर्फ खाना खा सकती हैं, लेकिन उठ कर थोड़ी देर के लिए किसी कुर्सी पर बैठना उन के लिए संभव नहीं. पिछले 5 साल से वह अपनी अवस्था को ले कर परेशान हैं, लेकिन आगे इलाज संभव नहीं ऐसा मानकर उन की जिंदगी अब उन के बेटे और हाउस मेड पर निर्भर है. कभी एक पेट्रोल पम्प की मालकिन रह चुकीं एक्टिव सुहासी की ये दुर्दशा कम उम्र में खुद को सही तरह से देखभाल न करना है, क्य...

Women need more sleep than men औरतों को मर्दों के मुकाबले ज्यादा नींद चाहिए

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  Health Update : औरतों को मर्दों के मुकाबले ज्यादा नींद चाहिए नींद हमारे शरीर और दिमाग के लिए उतनी ही जरूरी है जितना कि खाना और पानी. मैंटल, फिजिकल और इमोशनल तौर से हैल्दी रहने के लिए भरपूर नींद लेना बेहद जरूरी है.  लेकिन क्या  आप जानते हैं कि महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले अधिक नींद लेने की जरूरत होती है. नींद हमारे शरीर और दिमाग के लिए उतनी ही जरूरी है जितना कि खाना और पानी. मैंटल, फिजिकल और इमोशनल तौर से हैल्दी रहने के लिए भरपूर नींद लेना बेहद जरूरी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले अधिक नींद लेने की जरूरत होती है. दरअसल मनुष्य का शरीर बिना किसी बाहरी मदद के भी अपने अंदर आई अनेक खराबियों को दुरुस्त करता रहता है और विकास के लिए लगातार काम करता है. ये सारे काम ज्यादातर नींद के दौरान ही होते हैं जब हमारी ग्रोथ हार्मोन सब से ज्यादा सक्रिय होते हैं. हाल ही में नैशनल लाइब्रेरी औफ मैडिसिन में ‘अ सोसाइटी फौर वुमन हैल्थ रिसर्च’ की एक रिपोर्ट पब्लिश की गई. इस रिपोर्ट की मानें तो महिलाओं और पुरुषों में नींद के घंटे अलगअलग होते हैं. मतलब दोनों को सोने के...

Smart Eating Habits स्मार्ट खाने की आदतें

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  Smart Eating Habits: आप क्या खाते हैं, आप की लाइफस्टाइल कैसी है, आप की उम्र क्या है, आप के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य व सोचने से ले कर आप के महसूस करने तक आप को जो प्रभावित करता है वह है आप का खाना यानी आप के पोषण संबंधी विकल्प, जो पेट और मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बेहतर करते हैं. यदि आप शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बेहतर महसूस करना चाहते हैं तो हर दिन समझदारी से खाएं और बेहतर महसूस करें. इस के लिए अच्छा खाएं. इस में शामिल करें पर्याप्त अनाज, फल और सब्जियां, पर्याप्त प्रोटीन व कैल्शियम लेकिन ध्यान दें, स्वास्थ्यवर्धक तेल चुनें, जिस्म को हाइड्रेटेड रखें, सेल्फ केयर करें. हमारा खाना कार्य करने, चलने, सोचने, बढ़ने और हमारे शरीर की मरम्मत करने के लिए ईंधन का काम करता है लेकिन स्वस्थ रहने और महसूस करने के लिए बुद्धिमानी से खाना एक कला है. इस के लिए खाने की सही मात्रा, गुणवत्ता और प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज और विटामिन, अच्छे कार्बोहाइड्रेट-बुरे कार्बोहाइड्रेट, अच्छे वसा व बुरे वसा के संयोजन के बीच सही संतुलन बनाना आवश्यक है. इस के लिए बैलेंस डाइट (संतुलित आहार) लेना एक बेहतर व...

आनुवंशिक मांसपेशी विकार Genetic Muscle Disorder

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  Genetic Muscle Disorder : क्या है नेमालाइन मायोपैथी? बचने के लिए जानें नेमालाइन मायोपैथी का कोई निश्चित इलाज उपलब्ध नहीं है। लेकिन यदि समय रहते इसका पता चल जाए, तो इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है Genetic Muscle Disorder : नेमालाइन मायोपैथी एक दुर्लभ और आनुवंशिक मांसपेशीय विकार है। इसमें व्यक्ति की मांसपेशियों में धीरे-धीरे कमजोरी आने लगती है। इसका सबसे ज्यादा असर गर्दन, धड़ और रीढ़ के निचले हिस्से पर पड़ता है। गंभीर स्थिति में व्यक्ति व्हीलचेयर पर निर्भर हो जाता है। बीमारी बढ़ने पर खाना निगलने, चबाने और दैनिक गतिविधियाँ करने में कठिनाई होने लगती है। इस बीमारी के लक्षण आमतौर पर जन्म के समय या बचपन में ही दिखने लगते हैं। प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं: मांसपेशियों का पतला होना गर्दन और चेहरे की मांसपेशियों की कमजोरी हाथ-पैरों में कमजोरी या सुन्नपन छाती का अंदर की ओर धँसना अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर नेमालाइन मायोपैथी की जांच करने की सलाह देते हैं। जांच कैसे होती है? इस बीमारी की पुष्टि के लिए निम्नलिखित परीक्षण किए जाते हैं: मांसपेशियों की बायोप्सी EMG (Electromyograp...

भारत में मोटापा Obesity In India

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  Obesity In India : दक्षिण एशियाई मोटापा फोरम और एशियाई मोटापा जर्नल के सहयोग से, मोटापे को एक दीर्घकालिक और बारबार लौटने वाली बीमारी के रूप में मान्यता देने और उस का गंभीर प्रबंधन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. डॉ के पी कौशिक ने कहा कि मोटापा भारत में गैर संक्रामक रोगों के संकट को बढ़ा रहा है, जैसे कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, जिगर की समस्याएं, प्रजनन जटिलताएं, श्वसन संबंधी समस्याएं और मानसिक व सामाजिक चुनौतियां. विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य प्रणाली और नीति निर्माताओं से इसे प्राथमिकता देने का आग्रह किया. डॉ के पी कौशिक ने कहा, “मोटापा हमारे समय की प्रमुख स्वास्थ्य चुनौती है. यह हर चिकित्सा क्षेत्र, हर परिवार और हर समुदाय को प्रभावित कर रहा है. शिक्षा ही मोटापे की समस्या में बदलाव की नींव है. हमें चिकित्सकों को ऐसा ज्ञान उपलब्ध कराना चाहिए जो व्यावहारिक, सहज और सहानुभूतिपूर्ण हो.” और डॉ के पी कौशिक ने इसे एक दीर्घकालिक बीमारी बताया.” भारत समेत दुनियाभर में मोटापा बड़ी समस्या बन कर उभरा है. एनएफएचएस का डाटा बताता है कि भारत में 24 प्रतिशत महिलाएं और 23 प्रतिश...

पैरामेडिकल कोर्सेज Paramedical Courses

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Paramedical Courses : वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत लगातार बढ़ रही है. हर कोई पैसों की तंगी की वजह से डाक्टर तो नहीं बन सकता. लेकिन जिसे मैडिकल लाइन में अपना कैरियर बनाना है तो इस का एक बहुत अच्छा विकल्प यूथ के लिए जरूर उपलब्ध है. जानें क्या है डाक्टर बनने का दूसरा सस्ता विकल्प. सृजन काफी परेशान थे. उन के बेटे प्रखर ने इस वर्ष 12वीं की परीक्षा पास की थी. सातवीं कक्षा से ही वह डाक्टर बनने के सपने देख रहा था. बचपन से ही स्थेटेस्कोप कानों में लगा कर अपने दादाजी का बुखार नापता रहता था. दरअसल प्रखर के मामाजी डाक्टर थे. मामाजी से वह काफी हिलामिला था. मामाभांजे में प्यार भी बहुत था और प्रखर को कभी कोई तकलीफ हुई तो उस के मामाजी ही उस का इलाज करते थे. प्रखर ने बचपन से ही मामाजी जैसा डाक्टर बनने का सपना पाल रखा था, मगर 12वीं में उस के मार्क्स सिर्फ 79% ही आए थे, ऐसे में सृजन को उम्मीद नहीं थी कि प्रखर मैडिकल के टफ कम्पटीशन को निकाल पाएगा. अगर कम्पटीशन निकाल भी लिया तो सरकारी मैडिकल कालेज में यदि उस को स्थान नहीं मिला तो किसी निजी मैडिकल कालेज में बेटे को पढ़ाने की हैसियत सृजन की नहीं थी. ...

इन्फ्लुएंजा लेना क्यों आवश्यक है ? Why is it necessary to get a Influenza vaccine ?

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  Influenza : बदलते मौसम के साथ स्वास्थ्य में भी परिवर्तन आना लाजमी ही है. आजकल लंबी चलने वाली खांसी से लोग खासा परेशान हो रहे हैं. यह साधारण  खांसी  नहीं बल्कि इस का प्रभाव 15 से 25 दिनों तक चलता है. यदि परिवार में कोई सदस्य इस से ग्रस्त हो जाए तो जरा सी लापरवाही के कारण घर के बाकी सदस्य भी इस की चपेट में आ सकते हैं. डाक्टर्स के मुताबिक यह सीजनल फ्लू की वजह से हो रहा है और ज्यादातर मरीजों में इन्फ्लूएंजा बी संक्रमण भी इस का कारण देखा जा रहा है. तापमान में बदलाव दिन में गर्मी व शाम होते हुए ठंड का होना इस का एक महत्वपूर्ण कारण है. जिस का साइड इफैक्ट लोगों की सेहत पर बुखार कफ, गला दर्द, जुखाम व खांसी के रूप में देखने को मिल रहा है. जिन मरीजों में पहले से ही अस्थमा या सांस की परेशानी है उन्हें अधिक समस्या हो रही है क्योंकि जब यह खांसी होती हैं तो लंबे समय तक लगातार बनी रहती है. जिस कारण सांस लेने में दिक्क़त व फेफड़ों में समस्या होने लगती है. कुछ मरीजों में इस के कारण ब्रोंकाइटिस की समस्या होने लगती है. कारण बदलते मौसम के साथ हमारे लाइफस्टाइल में भी बदलाव आने लगता है. जै...