Posts

Showing posts from April, 2026

मौनसून में Fungal Infection Fungal Infections During the Monsoon

Image
  मौनसून में Fungal Infection से बचने के लिए ऐक्सपर्ट से जानें खास सुझाव मौनसून के मौसम में भी स्किन को हैल्दी और शाइन बनाए रखने के लिए स्किन को क्लीन और ड्राई रखना बहुत जरूरी है। इस के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखें। मौनसून का आना चुभती जलती गरमी से हमें राहत तो देता है, साथ ही हमारी स्किन के लिए कई चुनौतियां भी ले कर आता है। इस में बढ़ी हुई ह्यूमिडिटी हमारी स्किन को ऐक्ने, फंगल इन्फैक्शन और डल कौंप्लेक्स का शिकार बना सकती है। इसलिए ऐसे मौसम में अपनी स्किन को सही रखने के लिए बैस्ट केयर की जरूरत होती है। मौनसून में स्किन केयर मौनसून के मौसम में भी स्किन को हैल्दी और शाइन बनाए रखने के लिए स्किन को क्लीन और ड्राई रखना बहुत जरूरी है। इस के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखें : नियमित रूप से अपनी स्किन को सौम्य क्लींजर से साफ करें। टी ट्री औयल बेस क्लींजिंग का इस्तेमाल करें। इस में ऐंटीबैक्टीरियल प्रौपर्टी हैं जो औयल के ब्लौकेज से बचाती हैं। मौनसून में त्वचा बहुत रूखी हो जाती है, इसलिए सोने से पहले हमेशा क्लींजिंग मिल्क से त्वचा को साफ करें और धो लें। पौष्टिक खाना खाएं और तैलीय चीजों से ब...

नई माओं की बेस्ट फ्रेंड – दशमूलारिष्ट

Image
नई माओं की बेस्ट फ्रेंड – दशमूलारिष्ट घर की खुशियाँ महिलाओं की सेहत से जुड़ी होती हैं। अगर महिलाएं स्वस्थ रहें, तो पूरा परिवार स्वस्थ और खुशहाल रहता है। ऐसे में   नई   माओं   (New Mothers) की सेहत का ध्यान रखना और भी ज़रूरी हो जाता है। माँ बनने के बाद शरीर में आई कमजोरी और थकावट को दूर करने में दशमूलारिष्ट एक भरोसेमंद साथी बनकर सामने आता है। प्रसव   के   बाद   महिलाओं   के   लिए   क्यों   ज़रूरी   है   दशमूलारिष्ट ? शिशु के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर में कमजोरी, थकावट और ऊर्जा की कमी होना आम बात है। दशमूलारिष्ट : शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। ब्लड लॉस के कारण आई कमजोरी को दूर करता है नई  माओं  को ऊर्जा प्रदान करने में मदद करता है, जिससे वे अपने शिशु की बेहतर देखभाल कर सकें। दशमूलारिष्ट   ही   क्यों   चुनें ?  यह एक पूर्णतः आयुर्वेदिक टॉनिक है, जिसे 50 से भी अधिक प्रभावशाली जड़ी-बूटियों के संयोजन से तैयार किया गया है। विशेष रूप से इसमें मौजूद हैं: दशमूल – 10 औषधीय जड़ों का मिश्रण जो शरीर को गहराई...

एनीमिया Anemia

Image
  एनीमिया : इलाज से बेहतर है परहेज इलाज से बेहतर है परहेज, इसलिए शरीर में खून की कमी न होने पाए, इसके लिए पौष्टिकता पर विशेष ध्यान देना बहुत जरूरी है। गर्मियों में थोड़ी से लापरवाही आपको बीमार कर सकती है। आप कई बीमारियों से घिर सकते हैं, उन्ही बीमारियों में एक है एनीमिया। जो शरीर में आयरन की कमी होने से होती है। शरीर में आयरन की कमी होने से हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है जिसे एनीमिया जाता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला ऐसा प्रोटीन है, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है और हीमोग्लोबीन की कमी से शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और इसी कमी की वजह से व्यक्ति में एनीमिया के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने पर या हरे पत्तेदार सब्जियां का सेवन नहीं करने पर रक्त में आयरन की कमी हो जाती है। एनीमिया के प्रमुख लक्षण * अत्यधिक थकान। *  जीभ का रंग सफेद होना। * चेहरा सफेद या पीला पड़ना। * जल्दी-जल्दी बीमार पड़ना। * हाथ-पैरों में झनझनाहट। * सिरदर्द रहना। * कभी-कभी चक्कर आना और आंखों के आगे अंधेरा छा जाना। * ह...