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Showing posts from March, 2026

क्लॉस्ट्रोफ़ोबिया से राहत Relief from Claustrophobia

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  इस बीमारी की वजह से जया बच्चन को आता है गुस्सा जया बच्चन अकसर अपने गुस्से के वजह से चर्चा में छाई रहती हैं। लेकिन क्या आप को पता है कि जया के ऐसे व्यवहार और गुस्से का कारण क्या है? 70 के दशक की मासूम सी दिखने वाली अपने समय की फेमस ऐक्ट्रैस और समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन अकसर अपने गुस्से के वजह से चर्चा में छाई रहती हैं। कभी सदन में दिए अपने बयान की वजह से, कभी पैपराजी को फोटो क्लिक करने से मना कर फटकार लगाते हुए। लेकिन हाल ही में दिल्ली में उन के गुस्से का शिकार एक मीडियाकर्मी हो गया। सैल्फी लेने के चक्कर में उस मीडियाकर्मी को जया ने धक्का दे दिया। यह पहली बार नहीं है जब जया बच्चन ने पब्लिक में इस तरह रिएक्ट किया हो। उन्हें कई मौकों पर बिना इजाजत फोटो खींचने वालों को ऐसे ही फटकार लगाते देखा गया है। वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर जया बच्चन का एक 12 अगस्त, 2025 का वीडियो सामने आया है, जिस में वे सैल्फी लेने आए व्यक्ति को धक्का देती हुई नजर आ रही हैं। वे उस शख्स से कहती हैं, “क्या कर रहे हैं आप? (What is this?)…” वीडियो में नजर आ रहा है कि जया बच्चन दिल्ली के कौंस्टिट्यूशन क्लब ...

चुकंदर का रोजाना करें सेवन Consume beetroot daily

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  चुकंदर का रोजाना करें सेवन, (All About Chukandar (Beetroot) चुकंदर (बीटा वल्गरिस) एक रूट सब्जी है जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। जिसे लाल चुकंदर, टेबल बीट या गार्डन बीट के नाम से भी जाना जाता है। चुकंदर पौधे का जड़ वाला हिस्सा होता है। इसका सेवन अक्सर सलाद और जूस के रूप में बहुतायत किया जाता है। चुकंदर खाने के लाभ उठाने के लिए भोजन के साथ सलाद के तौर पर या इसके जूस का सेवन करने के अलावा चुकंदर का प्रयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है।  चुकंदर में आवश्यक पोषक तत्वों के साथ, चुकंदर फाइबर, फोलेट (विटामिन बी 9), मैंगनीज, पोटेशियम, आयरनऔर विटामिन सी का एक बड़ा एवं अच्छा स्रोत है। चुकंदर खाने और चुकंदर का रस कई स्वास्थ्य लाभ के साथ जुड़ा हुआ है, जिसमें बेहतर रक्त प्रवाह, निम्न रक्तचाप, और व्यायाम के प्रदर्शन में वृद्धि शामिल है। जो शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। चुकंदर का सेवन करने से कई बड़ी प्रॉबल्म से भी छुटकारा पाया जा सकता है। चुकंदर  कच्चे खाने में स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन अधिक बार पकाया कर खाया जाता है । इसके पत्ते, जिसे चुकंदर साग के र...

Zoned Out: बार-बार खो जाते हैं? Do You Frequently Zone Out?

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  Zoned Out: बार-बार खो जाते हैं? जानें मनोवैज्ञानिक कारण मुंबई की 23 वर्षीय सिमरन को शर्मिंदगी का सामना उस वक्त करना पड़ा, जब उन के मैनेजर ने उन्हें मीटिंग की कोर विषय को अपने औफिस कलीग्स को समझाने की बात कही। असल में सिमरन ने मीटिंग की पूरी बात को ठीक से सुना ही नहीं, क्योंकि वह जोन आउट की शिकार हो गई थी। ऐसे में उस का अपने कलीग्स के साथ चर्चा करना मुश्किल लग रहा था। इस के लिए उस ने पूरी मीटिंग की रिकौर्डिंग को फिर से सुनी और चर्चा की। पिछले कुछ दिनों से वह महसूस कर रही है कि वह सिर्फ आधे से 1 घंटा भी किसी मीटिंग में अपना ध्यान लगा नहीं पा रही है। बातें सुनते-सुनते अचानक बीच में वह कहीं खो सी जाती है। यह अधिकतर 4 से 5 मिनट के लिए होता है, लेकिन उस दौरान हुई बातचीत को वह सुनती नहीं, बाद में कुछ पूछने पर वह खुद को ब्लैंक महसूस करती है। वह खुद को ले कर कई बार परेशान हो चुकी है, क्योंकि उस का इस तरह से बेमन हो जाना, उस के कैरियर ग्रोथ में ठीक नहीं। इसलिए वह कई बार मनोवैज्ञानिक के पास जा कर सलाह ले चुकी है। जोन आउट कोई बड़ी समस्या नहीं असल में जोन आउट का मतलब होता है मानसिक रूप से ध्यान...

पीसीओडी के बावजूद 96 से 51 किलो की हुई सारा Sara went from 96 to 51 kg despite having PCOD

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  Sara Ali Khan: पीसीओडी के बावजूद 96 से 51 किलो की हुई सारा सारा अली खान ने भी पीसीओडी की दिक्कत से बाहर निकलते हुए डॉक्टर की सलाह और सख्त रूटीन की मदद से मोटापे पर विजय पाई। जानें एक्ट्रेस की फिटनेस जर्नी... महिलाओं में पीसीओडी की समस्या एक ऐसी बीमारी है जिसमें वजन कम करने में कई दिक्कतें आती है, इस प्रौब्लम में आम लड़कियों की तरह आसानी से वजन कम नहीं होता ।  इस वजह से ऐसी लड़कियां न सिर्फ निराश हो जाती है बल्कि डिप्रेशन का शिकार भी हो जाती हैं ।  अभिनेत्री सारा अली खान फिल्मों में आने से पहले बहुत ज्यादा मोटी थी, खाने पीने की भी शौकीन थी और मस्तमौला वाली जिंदगी जी रही थी ।  वह पीसीओडी बीमारी से जूझ रही थी इसलिए भी उनका वजन कम नहीं हो रहा था, बल्कि दिन ब दिन बढ़ रहा था ।  एक समय ऐसा आया कि सारा अली खान का वजन 96 तक पहुंच गया, लेकिन जब सारा अली खान ने फिल्मों में काम करने का फैसला किया तो सबसे पहले उन्होंने शेप में आने के लिए वजन कम करने  का  फैसला किया ।  जिसके लिए उन्होंने फिटनेस जर्नी की शुरुआत की ।  इसमें सही डाइट, सही वर्कआउट और सही लाइ...

जागरूक करतीं बीमारियों से जुङी फिल्में Films That Raise Awareness About Diseases

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  फिल्म ‘सैयारा’ से ले कर ‘बर्फी’ तक, जागरूक करतीं बीमारियों से जुङी ये फिल्में लंबे समय से बौलीवुड फिल्मों की कहानियों में बीमारियों का इस्तेमाल भावुक मोड़ देने के लिए होता रहा है, जैसे कैंसर, टीबी, हैजा जैसी जानलेवा बीमारियों का इस्तेमाल कहानी में भावुक मोड़ देने के लिए और कहानी को पेचीदा बनाने के लिए किया जाता रहा है, क्योंकि उस दौरान कैंसर और टीबी जैसी बीमारियों का कोई इलाज नहीं था। इसलिए फिल्म में भावुक मोड़ पैदा करने के लिए फिल्म के मुख्य पात्र को ऐसे ही खतरनाक बीमारियों से ग्रस्त साबित किया जाता था। आनंद राजेश खन्ना अभिनीत ‘आनंद’ फिल्म में फिल्म के हीरो राजेश खन्ना को कैंसर होता है और डाक्टर के अनुसार उन्हें 6 महीने का मेहमान बताया जाता है। राजेश खन्ना का डायलौग फिल्म के आखिर सीन में, ‘बाबूमोशाय, जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है…’ एक ऐसा इमोशनल सीन था, जिस में राजेश खन्ना को मरते हुए दिखाया गया है। अगर वास्तविक जिंदगी की बात करें तो राजेश खन्ना की मौत कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से ही हुई थी। उन दिनों की बौलीवुड की सब से खूबसूरत हीरोइन कहलाने वाली मधुबाला की मौत टीबी जैसी ...

दवा में एक्सपायरी डेट Expiry Date on Medicine

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  दवा में एक्सपायरी डेट की रखें जानकारी दवाओं के मामले में विशेष सावधानी बरते जाने की जरूरत होती है। गलती से एक्सपायरी दवाई खाने से इस के घातक साइड इफैक्ट हो सकते हैं। ऐसे में दवाओं को ले कर यह जानकारी जरुर रखें। जब भी दवा की दुकान से या डाक्टर के पास से दवा मिलती है, दवा के पैकेट पर सारी डिटेल लिखी होती हैं ।  जैसे शीशी या इंजैक्शन पर दवा के नाम और उसमें क्या और कितना मिला है, दवा कब बनी है और कब तक इसका प्रयोग किया जा सकता है, दवा की कीमत क्या है ? दवा किस बैच नम्बर की दवाओं के साथ बनी है यह लिखा होता है ।  वैसे तो यह जानकारी बहुत छोटी सी लिखी होती है पर यह बड़े काम की होती है ।  इसमें सबसे जरूरी जानकारी होती है दवा की एक्सपायरी यानि दवा का प्रयोग कब तक किया जा सकता है ।  दवा खाने से पहले यह देख लेना सबसे जरूरी होता है । एक्सपायरी डेट देखने के साथ ही साथ यह भी देखे कि दवा को किस तरह से रखना है ।  खासकर इंजैक्शन को सही तरह और तापमान में नहीं रखा जाएगा तो वह खराब हो सकता है ।  वह मरीज को लाभ की जगह पर नुकसान पहुंचा सकता है । ’ दवा लेने से पहले उसकी एक्स...