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Showing posts from January, 2026

गुनगुने पानी के फायदे Benefits of lukewarm water

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  सोने से पहले जरूर पिएं गुनगुना पानी, शरीर को मिलेंगे अनगिनत फायदे सेहत की बेहतरी के लिए और शरीर के बेहतर ढंग से काम के लिए सोने से पहले गुनगुना पानी जरूर पीना चाहिए। इससे शरीर को कई फायदे मिलते हैं। बहुत से लोग अक्सर कहते हैं कि सुबह में जागते ही गुनगुना पानी पीना चाहिए। लोग इसके बहुत से फायदे भी गिनाते हैं। बहुत से हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सेहत की बेहतरी के लिए और शरीर के बेहतर ढंग से काम के लिए सुबह में गुनगुने पानी का सेवन जरूरी है। इससे त्वचा संबंधित बहुत सी परेशानियां दूर होती है। पर क्या आपको पता है कि सोने से पहले गुनगुना पानी पीने के क्या फायदे होते हैं? इस खबर में हम आपको सोने से पहले गुनगुना पानी पीने के फायदों के बारे में बताने वाले हैं। वजन कम करने में है मददगार गर्म पानी पीने से वजन कम होता है। जानकारों का मानना है कि अगर आप तेजी से वजन कम करना चाहते हैं तो रोज सुबह और रात में गुनगुना पानी जरूर पिएं। शरीर से बाहर होते हैं टौक्सिक्स गुनगुना या हल्का गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है और पसीना अधिक निकलता है। आपको बता दें कि पसीना निकलने से ब्लड सर्कुलेशन...

टाइट जींस के नुकसान Disadvantages of tight jeans

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  हेल्थ के लिए ठीक नहीं टाइट जींस, हो सकते हैं ये 9 नुकसान आजकल लड़कियों को टाइट व स्किनी जींस पहनना पसंद है, भले ही वे इस में कंफर्टेबल हों या ना हों, लेकिन कैरी करती हैं। दरअसल उन्हें लगता है कि इस से उन का फिगर अच्छा लगेगा और सब का ध्यान उन की तरफ अट्रैक्ट होगा। पर क्या आप जानती हैं टाइट जींस आप को बीमार कर रही है और इस की वजह से आप अस्पताल तक पहुंच सकती हैं? जी हां, औस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर में एक लड़की के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है ।  स्टाइलिश व अच्छा  दिखने के लिए लड़की ने टाइट जींस पहन तो ली थी, लेकिन यही टाइट जींस ने उसे अस्पताल पहुंचा दिया, जहां पता चला कि उस की पैरों की मांसपेशियों में खून की सप्लाई रुक जाने से यह हादसा हुआ है ।  लड़की की हालत इतनी ज्यादा खराब हो गई थी कि वह अपने पैरों पर खड़ी भी नहीं हो पा रही थी, उसे रैंग कर लोगों की मदद लेनी पड़ी । लड़कियां टाइट जींस पहनना क्यों करती हैं पसंदः – लड़कियों को लगता है टाइट व फिटिंग के कपड़ों में ही अच्छा दिख सकती हैं । – ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए । – बोल्ड व कौंफिडैंट नजर आने के लिए । – अपडेट व स्ट...

एक साथ ना खाएं ठंडा गर्म Do not eat hot and cold foods together

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  अगर एक साथ खाते हैं ठंडा-गर्म तो होंगी ये परेशानियां सही संचय और संतुलित आहार लेना हमारे शरीर के लिए सकारात्मक होता है। जानकार भी उसे ही अच्छा खाना मानते हैं जो आसानी से पच जाए। खाते वक्त धयान दें कि आप जो भी खाएं उसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। हमें  अपने खानपान को ले कर ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। हमारा खानपान कई मायनों में संतुलित होना चाहिए। ज्यादा तीखा-ज्यादा मीठा, ज्यादा ठंडा-ज्यादा गर्म खाने से हमें दूरी बनानी चाहिए। दो तरह का खाना हमें एक साथ नहीं खाना चाहिए। इससे पाचन प्रक्रिया में काफी परेशानी होती है। बेहतर स्वास्थ के लिए जरूरी है कि हम अपने खाने के कौंबिनेशन पर खासा ध्यान दें। सही संचय और संतुलित आहार लेना हमारे शरीर के लिए सकारात्मक होता है। जानकार भी उसे ही अच्छा खाना मानते हैं जो आसानी से पच जाए। खाते वक्त धयान दें कि आप जो भी खाएं उसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर खाना पेट में जा कर कार्बोहाइड्रेट, फैट और शुगर में बदल जाता है। ऐसे में तासीर से कोई खासा फर्क नहीं पड़ता। पर हां, बहुत ज्यादा ठंडा या गर्म खाना खाने से ज...

बुढ़ापे में रोगों का मुकाबला Combating diseases in old age

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  बुढ़ापे में समझदारी से करें रोगों का मुकाबला   तभी रहेंगे फिट ढलती उम्र में न घेरें बीमारियां, इस के लिए क्या करें? कब्ज जैसे बहुत सारे रोग बुढ़ापे की परेशानियों के रूप में सामने आते हैं। आज के दौर में विज्ञान ने खूब तरक्की कर ली है। ऐसे में मनुष्य की औसत उम्र बढ़ गई है। उम्र के बढ़ने के साथ कुछ बीमारियां भी साथ आती हैं। समझदारी के साथ इन रोगों का मुकाबला करते हुए बुढ़ापे को स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है।  वधावा नगर स्वास्तिक क्लिनिक, जीरकपुर की डा. के पी कौशिक कहती हैं, ‘‘खानपान, ऐक्सरसाइज और समय-समय पर बीमारियों की जांच कराने से बुढ़ापे के रोगों से बचा जा सकता है। जरूरी है कि इस तरह की बीमारियों की जानकारी दी जाए जिस से उम्रदराज लोग स्वस्थ और सेहतमंद रह सकें।’’  डा. के पी कौशिक बताती हैं, ‘‘बुढ़ापे की बीमारियां उम्र के हिसाब से आती हैं। अगर बुढ़ापे में समय-समय पर डाक्टरी जांच कराई जाए और बीमारियों का इलाज शुरुआती दौर में ही कर लिया जाए तो इन बीमारियों के प्रभाव को कम किया जा सकता है।’’ बुढ़ापे की प्रमुख बीमारियां बुढ़ापे की ज्यादातर बीमारियां बचपन और जवानी में ...

हार्मोनल समस्या Hormonal problems

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  हार्मोनल समस्या से लड़की के चेहरे पर आ सकते हैं बाल उत्तर प्रदेश की प्राची निगम ने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर अपने मातापिता को गौरवान्वित किया, लेकिन इस टौपर को अपने चेहरे के अनचाहे बालों के कारण औनलाइन ट्रौलिंग का सामना करना पड़ा। हाल ही में यूपी शिक्षा बोर्ड की 10वीं परीक्षा 2024 के रिजल्ट घोषित किए गए ।  सीतापुर की प्राची निगम ने प्रदेश में टौप किया ।  वह शहर के सीता बाल विद्या मंदिर इंटर कालेज की स्टूडैंट हैं ।  प्राची ने 98.50 फीसदी के शानदार स्कोर के साथ 600 में से 591 अंक प्राप्त किए हैं ।  वह बला की तेज दिमाग और इंटैलिजैंट है ।  गणित में उस की पकड़ इतनी मजबूत है कि उसे 100 में से 100 नंबर मिले हैं ।  हिंदी, इंग्लिश जैसी भाषाओं में प्राची ने 100 में से 97 नंबर हासिल किए हैं । यूपी बोर्ड का रिजल्ट आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से टौपर्स की तसवीरें और इंटरव्यूज के वीडियो वायरल होने लगे। इस बीच प्राची के चेहरे पर नजर आ रहे अनचाहे बालों को देख कर ट्रौलर गैंग ने उसे अपने निशाने पर लिया। विकृत मानसिकता वालों ने प्राची के चेह...

नाभि से डिस्चार्ज की समस्या Causes of discharge from the belly button

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  आपके बेली बटन से डिस्चार्ज निकलने का क्या कारण है? बैली बटन के डिस्चार्ज को ठीक करने के लिए आप एंटी फंगल क्रीम या फिर पाउडर का प्रयोग कर सकते हैं। आपको हर समय अपनी नाभी को क्लीन और ड्राई रखना होगा। आपने कभी कभार नोटिस किया होगा की आपकी नाभी में बिना कुछ किए भी इतना मैल या फिर रूई सी कहां से आ जाती है। ऐसा वातावरण में होने वाले प्रदूषण और धूल मिट्टी के कारण होता है। अगर आप नाभी को समय से साफ नहीं करते हैं तो इसमें से एक अलग सी बदबू आने लगती है और एक डिस्चार्ज भी निकलने लगता है। अगर आप इसे ऐसे ही रहने देते हैं तो इससे कई तरह के इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है। इस डिस्चार्ज का रंग अलग अलग होता है जैसे यह सफेद, ब्राउन, पीला या खून जैसा हो सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में। बैली बटन डिस्चार्ज के क्या कारण हैं? बैक्टिरियल इन्फेक्शन :  आपकी नाभी में बहुत सारे बैक्टीरिया इकठ्ठे हो जाते हैं और इन्हें अगर समय से ठीक नहीं किया जाए तो यह इन्फेक्शन का कारण भी बन सकते हैं। अगर आपने यहां पियर्सिंग करा रखी है तो भी इन्फेक्शन हो सकता है। यह डिस्चार्ज पीला या फिर हरे रंग का हो सकता ह...

शारीरिक विषहरण Body Detoxification

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  अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है Detoxification, जानें इसका मतलब अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है डिटौक्सीफिकेशन हमारे आसपास कुछ ऐसे तत्व मौजूद रहते हैं जो दिखते नहीं मगर हमें बीमार बना सकते हैं। कैसे निबटें इन से आइए, जानते हैं। डिटॉक्सिफिकेशन का मतलब है शरीर को हानिकारक पदार्थों से छुटकारा दिलाना। हम रोज कई हानिकारक पदार्थों के संपर्क में आते हैं, जो हमारी सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं। डिटौक्सीफिकेशन के द्वारा शरीर से इन पदार्थों को बाहर निकाल शरीर को तनावमुक्त बनाया जा सकता है। ये पदार्थ शरीर में जमा हो जाते हैं: – वायु प्रदूषण जैसे उद्योगों और गाडि़यों से निकलने वाला धुआं। – फूड प्रिजर्वेटिव, एडिटिव और स्वीटनर। – हेयर डाई, परफ्यूम, साफ-सफाई में काम आने वाले उत्पाद जिन में आमतौर पर प्रिजर्वेटिव या रसायन होते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक होते हैं। – घर की सफाई में काम आने वाले क्लीनिंग एजेंट्स। – भारी धातु यानी हैवी मैटल्स जो अकसर पीने के पानी में मौजूद होते हैं। – शराब, सिगरेट का धुआं और नशीली दवाएं। डिटॉक्सिफिकेशन का महत्त्व हमारा शरीर हमेशा अपने-आप जहरीले पदार्थों को बाहर नि...

जेनेटिक रोग Genetic Diseases

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  जेनेटिक रोग कुछ रोग ऐसे भी होते हैं जो हमें अपने माता पिता से जन्म से ही मिलते हैं, इन रोगों को आनुवंशिक रोग कहा जाता है। कुछ रोग ऐसे होते हैं जो दूषित वातावरण, परिस्थिति, रहनसहन, खानपान व उम्र के साथ उत्पन्न होते हैं। वहीं कुछ रोग ऐसे भी होते हैं जो हमें अपने माता-पिता से जन्म से ही मिलते हैं, इन रोगों को आनुवंशिक रोग कहा जाता है। हम में से अधिकांश लोगों को आनुवंशिक रोगों की जानकारी नहीं होती जिस की वजह से हम इन के प्रति लापरवाह होते हैं।  मानव शरीर में लाखों कोशिकाएं होती हैं। इन कोशिकाओं को नियंत्रण करने का काम डीएनए करते हैं। हमारे शरीर में डीएनए का एक हिस्सा माता से प्राप्त होता है और दूसरा हिस्सा पिता से। डीएनए में हमारा जैनेटिक कोड होता है, जिस से माता की आदतें व बीमारियां हम तक पहुंचती हैं। इसी में खराबी होने के कारण आनुवंशिक रोग होते हैं जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होते हैं। पुरुष के शुक्राणु तथा स्त्री की अंडकोशिका के संयोग से संतान की उत्पत्ति होती है। शुक्राणु तथा अंडकोशिका दोनों में केंद्रसूत्र रहते हैं। इन केंद्र सूत्रों में स्थित जीन के स्वभावानु...